पर्यटन का महत्व

पर्यटन एक ऐसी यात्रा है जो मनोरंजन या फुरसत के क्षणों का आनंद उठाने के उद्देश्यों से की जाती है। विश्व पर्यटन संगठन के अनुसार पर्यटक वे लोग होते हैं जो यात्रा करके अपने सामान्य वातावरण से बाहर के स्थानों में रहने जाते हैं, यह दौरा मनोरंजन, व्यापार, अन्य उद्देश्यों से किया जाता है, यह उस स्थान पर किसी ख़ास क्रिया से सम्बंधित नहीं होता है।

कई देशों जैसे  इजिप्ट, थाईलैंडऔर कई द्वीप राष्ट्रों जैसे फिजी के लिए पर्यटन बहुत महत्वपूर्ण है, क्यों कि अपने माल और सेवाओं के व्यापार से ये देश बहुत अधिक मात्रा में धन प्राप्त करते हैं और  सेवा उद्योग में रोजगार के अवसर पर्यटन से जुड़े हैं। इन सेवा उद्योगों में परिवहन सेवाएँ जैसे क्रूज पोत और टैक्सियाँ, निवास स्थान जैसे होटल और मनोरंजन स्थल और अन्य आतिथ्य उद्योग सेवाएँ जैसे रिज़ोर्ट शामिल हैं।

भारतीय प्राचीन ग्रंथों में स्पष्ट रूप से मानव के विकास, सुख और शांति की संतुष्टि व ज्ञान के लिए पर्यटन को अति आवश्यक माना गया है।

हमारे देश के ऋषि मुनियों ने भी पर्यटन को प्रथम महत्व दिया है। प्राचीन गुरुओं (ब्राह्मणों, ऋषि – तपस्वियों) ने भी यह कह कर कि “बिना पर्यटन मानव अन्धकार प्रेमी होकर रह जायेगा।” पाश्चात्य विद्वान् संत आगस्टिन ने तो यहाँ तक कह दिया कि “बिना विश्व दर्शन ज्ञान ही अधुरा है।”

 

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