जानिए कौन है साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, क्या है उन पर केस?

2008 के मालेगांव विस्फोट से चर्चा में आने वाली साध्वी प्रज्ञा का जन्म मध्य प्रदेश के भिंड जिले के कछवाहा गांव में हुआ था। वह राजावत राजपूत हैं। उनके पिता आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के स्वयंसेवक और पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। इतिहास में पोस्ट ग्रेजुएट प्रज्ञा हमेशा से ही हिंदू संगठनों से जुड़ी रहीं। वह आरएसएस की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की सक्रिय सदस्य थीं और विश्व हिन्दू परिषद की महिला विंग दुर्गा वाहिनी से जुड़ी थीं।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का नाम उस समय चर्चा में आया जब 2008 में मालेगाव विस्फोट हुआ। मालेगांव ब्लास्ट केस में उन्हें गिरफ्तार किया गया। मालेगांव धमाकों के मामले में उन्हें 9 साल तक जेल में रहना पड़ा। प्रज्ञा ठाकुर का आरोप है कि जेल में रहने के दौरान ATS ने उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया। साध्वी प्रज्ञा 2007 के RSS प्रचारक सुनील जोशी हत्याकांड में भी आरोपी थीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम ने हिंदू आतंकवाद का जुमला गढ़ा और इसे सही साबित करने के लिए उन्हें झूठे केस में फंसाया।

गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अब भाजपा के टिकट पर भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह के खिलाफ लड़ रहीं हैं। भाजपा के प्रज्ञा ठाकुर को टिकट देने के फैसले पर विपक्षी पार्टियाँ आलोचना कर चुकी है। उनका मानना है कि जब वह विस्फोट के सिलसिले में जेल में रह चुकी है तो उन्हें टिकट देना सही नहीं है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि भाजपा प्रज्ञा ठाकुर को उतारकर हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है। लेकिन यहाँ गौर करने वाली बात यह है प्रज्ञा ठाकुर को मालेगाव केस में कोर्ट के आदेश के बाद छोड़ा गया है। इसीलिए विपक्षी पार्टियों द्वारा उनको हिन्दू आतंकवाद से जोड़ना कोर्ट की अवमानना भी हो सकता है इसीलिए यह जरूरी है कि कोई भी दल किसी के चरित्र पर ऊँगली उठाने से पहले फैक्ट्स पर ध्यान दे न कि अफवाहों पर।

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