कांग्रेस का यह प्रत्याशी वाराणसी में मोदी को देगा टक्कर

2019 के लोकसभा चुनाव में लगातार तनाव जारी है… प्रधानमंत्री बनने की होड़ में तमाम राजनीतिक पार्टियां जोरो शोरो से कोशिशें कर रही हैं… बड़ी बात ये है कि जहां एक तरफ पार्टी के अलग अलग प्रत्याशियों को टिकट मिल गया है तो वहीं प्रधानमंत्री खुद दोबारा प्रधानमंत्री बनने के लिए वाराणसी की सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और आज की बड़ी खबर ये है कि प्रधानमंत्री को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने अजर राय को मैदान में उतारा है.. जी हां कांग्रेस के अजय राय एक बार फिर से मोदी के साथ जंग लड़ने को तैयार हैं.. आपको बता दें कि पांच बार विधायक रहे अजय राय पिछले लोकसभा चुनाव यानि 2014 के चुनाव में भी प्रधानमंत्री को टक्कर दे चुके हैं। इस दौरान उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी।

बता दें कि इसके बाद वो अपनी पिंडरा विधानसभा सीट से साल 2017 में चुनाव हार गए थे… गौरतलब है कि अजय राय ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत किसी और नहीं बल्कि बीजेपी से ही की थी… और अब आलम ये है कि अजय राय अब मोदी की टक्कर में हैं। आपको बता दें कि करियर की शुरुआत में अजय राय बीजेपी की यूथ विंग के सदस्य थे… इनके करियर की बड़ी बात ये है कि 1996 में बीजेपी के टिकट पर अजय राय वाराणसी की कोलसला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं… और उन्होंने 9 बार के सीपीआई विधायक उदल को 484 मतों के अंतर से हरा दिया गया था…बात करें पुराने रिकार्ड की तो बता दें कि 2002 और 2007 में हुए चुनाव में अजय राय बीजेपी के टिकट पर रहते हुए इसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीता भी….

आपको बता दें कि साल 2009 में अजय राय की ये चाहत थी कि उन्हें वाराणसी की लोकसभा सीट से बीजेपी का टिकट मिले लेकिन जब पार्टी ने उन्हें टिकट देने से साफ तौर पर इन्कार कर दिया तो उन्हें भी धक्का लगा… जिसके बाद अजय बीजेपी को छोड़कर सपा में शामिल हो गए… और फिर 2009 का चुनाव अजय राय ने सपा के टिकट से वाराणसी से लड़ा और तीसरे नंबर का स्थान ग्रहण किया… गौरतलब है कि अजय राय को इस चुनाव में 1.23 लाख वोट मिले…इस चुनाव में बीजेपी के मुरली मनोहर जोशी ने पहला स्थान और बसपा के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी दूसरे नंबर पर रहे…. अजय राय को ये हार बर्दाश्त नहीं हुई और फिर उन्होंने सपा छोड़ने का फैंसला किया और अपनी पारंपरित सीट कोलासला से विधानसभा का उपचुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा… और फिर क्या था ये चुनाव अजय राय जीत गए… और इसके बाद अजय राय ने खुद को कांग्रेस का हिस्सा बना लिया… अजय राय ने 2012 का विधानसभा चुनाव पिंडरा की सीट से कांग्रेस के टिकट पर न सिर्फ चुनाव लड़ा और जीता भी।

आपको बता दें कि 2014 में कांग्रेस ने अजय राय पर विश्वास जिताया और वाराणसी की लोकसभा सीट से राय को प्रत्याशी बनाया… आंकड़ो की बात करें तो पीएम नरेंद्र मोदी की टक्कर में खड़े अजय राय को महज 75 हजार वोट मिले जिसके बाद उनकी जमानत जब्त हो गई… इस बार भी 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अजय राय को वाराणसी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा है… इस बार भी उनकी टक्कर में बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं साथ ही महागठबंधन की प्रत्याशी शालिनी यादव होंगी।

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